बेलरखा सरकारी माडल स्कूल के एक ही बैच के पांच विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय संस्थानों में पाया प्रवेश

बेलरखा सरकारी माडल स्कूल के एक ही बैच के पांच विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय संस्थानों में पाया प्रवेश

बेलरखा सरकारी माडल स्कूल  के 

एक ही बैच के पांच विद्यार्थी राष्ट्रीय संस्थानों तक पहुंचे

नरेंद्र जेठी/नरवाना /04अक्टूबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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ग्रामीण आंचल के राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बेलरखा ने शिक्षा के क्षेत्र में कई भ्रम तोड़े हैं। जिसमें पिछले सत्र के एक ही बैच के पांच विद्यार्थी अपनी मेहनत और श्रेष्ठ शिक्षकों के मार्गदर्शन के बलबूते राष्ट्रीय संस्थानों तक पहुंचे हैं। जिनमें इसी बैच के विद्यार्थी आर्यन ने आईआईटी जम्मू में प्रवेश प्राप्त किया था, तो विनीत ने आईआईटी भोपाल, मुस्कान ने आईआईएसईआर भोपाल, जयश्री ने एनआईटी श्रीनगर तथा हर्षदीप ने छोटूराम इंजीनियरिंग कालेज, सोनीपत में दाखिला सुनिश्चित किया है। वहीं, विद्यालय के विद्यार्थी विनीत ने लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार में वेटरनरी सर्जन के पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त कर अपनी उपलब्धि में एक और अध्याय जोड़ा है।

इस प्रकार ग्रामीण आंचल में स्थित किसी सरकारी विद्यालय की पहचान यदि देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों से होने लगे, तो यह केवल विद्यार्थियों की सफलता नहीं, बल्कि विद्यालय की बदलती तस्वीर प्रदर्शित कर रही होती है। सफलता के पीछे एक पूरी व्यवस्था बेलरखा स्कूल की कहानी केवल पांच या छह विद्यार्थियों के बड़े संस्थानों में पहुंचने की ही नहीं है। यह उस सोच का भी परिणाम है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी वही अवसर देने का प्रयास किया गया है जो सामान्यत: बड़े शहरों के प्रतिष्ठित विद्यालयों में उपलब्ध होते हैं।

शहर से गांव में पढ़ने आते यहां बच्चे

इस स्कूल की एक और उपलब्धि यह रही कि आमतौर ग्रामीण आंचल के विद्यार्थी उच्च शिक्षा के साथ स्कूली शिक्षा के लिए भी कभी शहर की ओर जाते थे। लेकिन स्कूल के बदलते परिवेश को देखते हुए आज नरवाना शहर से बच्चे यहां पढऩे आते हैं।

यहां तक कि विद्यालय में पढ़ाने वाले अध्यापकों, आसपास स्कूलों के अध्यापकों तथा कर्मचारियों के बच्चे भी इसी स्कूल में पढऩे आते हैं, जो अपने आप में एक मिसाल है। एक बात और बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर ना पड़े प्राचार्य बलजीत गोयत जब कभी आवश्यकता पड़ी, अपने स्तर पर प्राइवेट अध्यापक की नियुक्ति का खर्च जेब से उठाते हैं। उनके नेतृत्व में विद्यालय में अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ प्रयोगात्मक शिक्षा, खेल, तकनीक, संस्कृति और कौशल विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

विद्यालय की उपलब्धियां केवल उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्कूल की छात्रा प्रिंसा ने राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया था, जो सिरसा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित की गई। छात्रा लक्ष्मी ने नेशनल मींस-कम-मेरिट स्कालरशिप में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वर्तमान में पिंकी ने विज्ञान सेमिनार में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया है।

विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं से लैस साइंस पैनोरमा, साइंस क्विज गैलरी, लैंग्वेज लैब, स्पोट्र्स लैब, एस्ट्रोनामी लैब, अटल टिंकरिंग लैब, बैंकिंग एवं फाइनेंस लैब, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलाजी, आईटी लैब तथा मैथ्स लैब स्थापित हैं। बेलरखा विद्यालय की बदलती पहचान का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से शिक्षक और अभिभावक विद्यालय की व्यवस्थाओं और नवाचारों को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं। इस वर्ष मार्च में केरल के कोल्लम जिले से आए विद्यार्थियों ने भी विद्यालय का भ्रमण किया। जबकि ये माना जाता रहा है कि ये राज्य शिक्षा के क्षेत्र में अन्य से कहीं बेहतर है।

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