28 से 30 सितंबर तक बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल, लगातार पांच दिन प्रभावित रह सकता है कामकाज

28 से 30 सितंबर तक बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल, लगातार पांच दिन प्रभावित रह सकता है कामकाज

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की तरफ से बैंक कर्मचारियों की तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की गई है। यह हड़ताल 28 सितंबर से 30 सितंबर तक रहेगी। इस हड़ताल के कारण लगातार पांच दिन तक बैंकिंग कामकाज प्रभावित रह सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की सेवाएं प्रभावित होना संभावित है।

गुरुग्राम में एलडीएम विनोद कुमार बजाज का बयान

फतह सिंह उजाला गुरुग्राम 24 सितंबर को यह जानकारी सामने आई है। बैंक कर्मचारी यूनियनों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की ओर से 28 सितंबर से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की शाखाओं में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। गुरुग्राम जिले के अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) विनोद कुमार बजाज ने इस बारे में विस्तार से बताया है।

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लगातार पांच दिन क्यों प्रभावित रहेगा कामकाज

26 सितंबर को चतुर्थ शनिवार और 27 सितंबर को रविवार है। इन दो दिनों की छुट्टी के बाद 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल रहेगी। इस कारण लगातार पांच दिनों यानी 26 से 30 सितंबर तक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। ऐसे में बैंक ग्राहक अपने जरूरी बैंकिंग कार्य 25 सितंबर तक पूरा कर लें। हड़ताल का प्रभाव मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों पर पड़ने की बात कही गई है। वहीं, निजी क्षेत्र के बैंक और सहकारी बैंक सामान्य रूप से कार्य कर सकते हैं।

डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रहेंगी उपलब्ध

एलडीएम विनोद कुमार बजाज ने कहा कि बैंक शाखाओं का कामकाज प्रभावित होने के बावजूद डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी। एटीएम, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, नेफ्ट और आरटीजीएस जैसी डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। हालांकि किसी विशेष सेवा की उपलब्धता या तकनीकी व्यवधान बैंक-दर-बैंक अलग हो सकता है। उन्होंने कहा कि बैंक ग्राहक हड़ताल से पहले आवश्यक नकद निकासी, चेक संबंधी कार्य, दस्तावेज जमा करने और अन्य जरूरी शाखा-आधारित बैंकिंग कार्य निपटा लें। इसके अलावा ईएमआई, एसआईपी, ऋण की किस्तों और अन्य नियमित भुगतानों के लिए खातों में पर्याप्त राशि बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि निर्धारित तिथि पर भुगतान प्रभावित न हो।

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