नशों के मुद्दे पर पंजाब सरकार और भाजपा के दावों की पोल खोलते हुए बलबीर सिंह सिद्धू ने उठाए सवाल

नशों के मुद्दे पर पंजाब सरकार और भाजपा के दावों की पोल खोलते हुए बलबीर सिंह सिद्धू ने उठाए सवाल
आइए, कल एकजुट होकर नशों के खिलाफ और पंजाब सरकार की खराब कार्यप्रणाली के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करें: सिद्धू
मोहाली/23 सितंबर 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाब में बढ़ते नशे के कहर पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नशों के खिलाफ चलाई जा रही युद्ध नशों विरुद्ध मुहिम और भाजपा द्वारा निकाली जा रही नशा मुक्त यात्रा जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। उन्होंने कहा कि केवल नारे लगाने और यात्राएं निकालने से नशा खत्म नहीं होगा। सरकार को नशे की सप्लाई लाइन तोड़ने और युवाओं को बचाने के लिए ठोस कार्रवाई करनी होगी।
सिद्धू ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद पंजाब में नशे की समस्या खत्म होने के बजाय लगातार गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के दावे सही हैं तो फिर हर रोज नशों से जुड़ी घटनाएं, युवाओं की मौतें और नशे की सप्लाई को लेकर सामने आ रही खबरें सरकार के दावों पर सवाल खड़े करती हैं।
गुजरात में नशीली दवाओं की बरामदगी पर भाजपा से सवाल
उन्होंने भाजपा को सवाल करते हुए कहा कि जो पार्टी पंजाब को नशा मुक्त करने के दावे करती है, वह पहले यह बताए कि गुजरात में नशीली दवाओं की बड़ी खेपों की बरामदगी कैसे हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक गुजरात के बंदरगाहों पर भी नशे की बड़ी खेपें जब्त हो चुकी हैं। यदि पंजाब को नशा मुक्त करने का दावा किया जा रहा है तो देश के बंदरगाहों पर नशों की आमद को रोकने के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सिद्धू ने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशों से बचाने के बजाय राजनीतिक प्रचार के माध्यम से लोगों को गुमराह करना बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि नशों के खिलाफ लड़ाई केवल पंजाब की नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है और जहां से नशों की सप्लाई हो रही है, वहां सख्त कार्रवाई करना केंद्र और राज्य सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।
गुलजार सिंह और मोहनजीत सिंह के मामलों का जिक्र
गुलजार सिंह के मामले का हवाला देते हुए बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि नशों के मुद्दे पर सवाल उठाने और नशों के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह ने नशों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी। उसकी आवाज सुनने के बजाय उसे डराया-धमकाया गया, जिसके कारण उसने सल्फास खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उसने मरने से पहले एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए आम आदमी पार्टी के ही मंत्री हरपाल चीमा को जिम्मेदार ठहराया था। लेकिन यह बेहद निंदनीय है कि आम आदमी पार्टी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे बचाने में लगी हुई है। इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जा सके।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब में नशों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को कई बार डराने-धमकाने, झूठे मामले दर्ज करने और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आम नागरिक नशों के मुद्दे पर सरकार से सवाल करता है तो उसकी आवाज दबाने के बजाय उसकी बात सुनी जानी चाहिए। शेरों गांव के युवक मोहनजीत सिंह के साथ पिछले दिनों हुई घटना का हवाला देते हुए बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि नशों के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले युवक मोहनजीत सिंह के साथ पंजाब सरकार की पुलिस द्वारा कथित तौर पर प्रताड़ना की गई, जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा नशों के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें डराने-धमकाने या प्रताड़ित करने के बजाय सरकार को नशे के असली कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
लोकतंत्र और आगामी धरने की घोषणा
सिद्धू ने कहा कि पंजाब में लोकतंत्र का मतलब यह है कि हर व्यक्ति को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और सरकार से सवाल पूछने का अधिकार हो। उन्होंने कहा कि नशों के खिलाफ बोलना कोई अपराध नहीं, बल्कि पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने के लिए सामाजिक जिम्मेदारी है। सरकार को लोगों की आवाज दबाने के बजाय नशे के बड़े नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में ध्यान देना चाहिए।
अंत में बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाबवासियों से नशों के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अपने युवा बच्चों की जिंदगियां बचाने के लिए हर पंजाबी को इस लड़ाई में आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से कल सुबह 10 बजे एसएसपी कार्यालय, मोहाली के बाहर नशों और पंजाब सरकार की खराब कार्यप्रणाली के खिलाफ धरना दिया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की गई है।