रेवाड़ी में बाबू बालमुकुंद गुप्त की पुण्यतिथि पर पैतृक हवेली में हुआ हवन-यज्ञ, दी गई श्रद्धांजलि

बाबू बालमुकुंद गुप्त की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी पैतृक हवेली में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गुड़ियानी स्थित उनकी पैतृक हवेली में संपन्न हुआ। बाबू बालमुकुंद गुप्त साहित्य संरक्षण परिषद के तत्वावधान में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में गुड़ियानी के सरपंच नरेंद्र कुमार ने यजमान की मुख्य भूमिका निभाई।
साहित्यिक योगदान पर प्रकाश
इस अवसर पर परिषद के आजीवन सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार मनोज गोयल गुडियानिया ने विशेष जानकारी दी। उन्होंने बाबू बालमुकुंद गुप्त के जीवन और उनके साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित लोगों को गुड़ियानी से निकलकर बाबूजी की कोलकाता तक की यात्रा के बारे में अवगत कराया। परिषद के आजीवन सदस्य प्रेम प्रकाश नाहड़ भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि और मुख्य कार्यक्रम
पंडित जी द्वारा विधि-विधान से हवन-यज्ञ संपन्न कराया गया। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों में प्रसाद का वितरण किया गया। तत्पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने बाबू बालमुकुंद गुप्त की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान सभी ने उन्हें नमन कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में टीटू पंडित, हरिश सोनी, शोभराज और रमेश प्रजापति शामिल हुए। इनके अलावा सोमदेव शर्मा, बिल्लू यादव, साडू, और मास्टर पंकज सहित अनेक ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन के उपरांत एक प्रतिनिधिमंडल झज्जर के लिए रवाना हुआ। यह प्रतिनिधिमंडल झज्जर स्थित संवाद भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गया।