एशियाई खेलों में तिरंगे की शान: इक्कीस स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने बढ़ाया मान और मलेशिया को हॉकी में हराया

smtpoem@gmail.com की ओर से तिरंगे की शान में भारत की पहचान विषय पर कविता सामने आई है। नीले आसमान में तिरंगे का अभिमान लहराया है। खेलों के इस महाकुंभ में हिंदुस्तान चमक रहा है।
- एशियाई खेलों में भारत की शानदार जीत का संदर्भ
- इक्कीस स्वर्ण पदकों ने बढ़ाया भारत का मान
- हॉकी में मलेशिया को हराया
- संजय एम तराणेकर द्वारा रचित कविता
नीले आसमान में लहराया तिरंगे का अभिमान
नीले आसमान में लहराया, तिरंगे का अभिमान है। खेलों के इस महाकुंभ में, चमक रहा हिंदुस्तान है। मेहनत की हर एक बूंद ने, इतिहास नया रचाया है। इक्कीस स्वर्ण पदकों ने, भारत का मान बढ़ाया है।
हॉकी के मैदान में भारत की शानदार जीत
हॉकी के मैदान में फिर गूंज उठा भारत का नाम है। म मलेशिया को 'हरा', खिलाड़ियों ने किया कमाल है। पाँच-एक की शानदार जीत तिरंगे की है पहचान है। हर गोल के साथ बढ़ते गया देश का स्वाभिमान है।
कुश्ती और हॉकी में खिलाड़ियों का प्रदर्शन
यूं कभी कुश्ती के अखाड़े में, दमखम दिखाते हैं हैं। कभी हॉकी की स्टिक से, प्रतिद्वंद्वी को हराते हैं हैं। अमन की मेहनत ने भी ये दुनिया को दिखलाया है। संघर्षों की राह पे चलकर, स्वर्णिम मुकाम पाया है। यह संदर्भ एशियाई खेलों में भारत की शानदार जीत से जुड़ा है।
कवि और लेखक का विवरण
यह रचना संजय एम तराणेकर द्वारा लिखी गई है। संजय एम. तराणेकर कवि, लेखक व समीक्षक हैं। इनका पता इन्दौर-452011 (मध्य प्रदेश) है। इनका मोबाइल नंबर 98260 25986 है। स्वरदूत के रूप में भी इनका मोबाइल नंबर 98260-25986 दर्ज है।