अशोक बुवानीवाला का बयान: चुनाव लड़ने की तैयारी करें, पैसा अपने आप आ जाएगा

अशोक बुवानीवाला का बयान: चुनाव लड़ने की तैयारी करें, पैसा अपने आप आ जाएगा

चुनाव लडऩे की तैयारी करें, चुनाव लडऩे के लिए पैसा अपने आप आ जाएगा-अशोक बुवानीवाला

वैश्य समाज के लोगों के विचार जानने उनके दरवाजे तक पहुंचा अग्रवाल वैश्य समाज

अग्रवाल वैश्य समाज संगठन ने प्रदेशभर में आयोजित किए संवाद कार्यक्रम

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

पूरे प्रदेश को आठ जोन में बांटकर तीन-तीन जिलों में की गई सुनवाई

फतह सिंह उजाला/गुरुग्राम/23 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

अग्रवाल वैश्य समाज संगठन की ओर से प्रदेश भर में जिला स्तर पर संगठन संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए।प्रदेश को आठ जोन में बांटा गया और तीन-तीन जिलों की एक बार में बैठक की गई।जमीनी स्तर तक लोगों तक पहुंच बनाई गई और उनसे विस्तार से संगठन व समाज की चर्चा की गई।

  • अग्रवाल वैश्य समाज लोगों के दरवाजे तक पहुंचा।
  • पूरे प्रदेश को आठ जोन में बांटा गया।
  • अशोक बुवानीवाला ने दिया चुनाव लड़ने पर बयान।

फतह सिंह उजाला के अनुसार गुरुग्राम में अग्रवाल वैश्य समाज एक ऐसा संगठन है जिसने अपनी सुनाने के लिए नहीं बल्कि समाज के लोगों की बात सुनने के लिए उनके दरवाजे तक दस्तक दी।संगठन ने लोगों की समस्याओं, उनके विचारों और उनकी सलाह को सुनकर संगठन के स्तर पर समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया।साथ ही विचारों और सलाह को संगठन के एजेंडे में शामिल करने की प्रेरणा ली।

संगठन संवाद कार्यक्रम और महिलाओं की भागीदारी

लोगों को संगठन के साथ जुड़कर ना केवल संगठन को बल्कि समाज के हर व्यक्ति को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।संगठन के इस अभियान की सफलता इसी से तय हो गई कि संगठन से जुड़ी महिलाओं, युवाओं और स्थानीय नेताओं ने अपनी बात प्रदेश के नेताओं के समक्ष खुलकर रखी।जिस प्रकार से संगठन संवाद कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपने विचार रखे, निश्चित तौर पर वह सराहनीय है। इस बात पर समाज संतोष व्यक्त कर सकता है कि आने वाले दिनों में जब विधानसभा और लोकसभा में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी तो उनमें हमारी मातृशक्ति की भागीदारी भी अधिक होगी।

राजनीतिक जमीन और अधिकारियों की अनदेखी पर चर्चा

अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला के मुताबिक संगठन संवाद कार्यक्रम के दौरान कुछ ऐसे मामले भी सामने आए, जो वास्तव में काफी गंभीर और चिंतनीय थे।राजनीतिक जमीन को मजबूत करने का ज्ञान देते हुए कुछ स्थानीय नेताओं ने खुलकर इस बात को रखा कि किन कारणों से वैश्य समाज के लोग चुनाव हार रहे हैं और किन कारणों से समाज के लोगों को चुनाव में टिकट कम मिल रही हैं।संगठन संवाद कार्यक्रम के दौरान जहां कार्यकर्ताओं ने बेबाकी से अपने सवाल रखे, उसी प्रकार से संगठन से जुड़े प्रदेश के नेताओं ने जवाब भी दिया और उनकी जिज्ञासा को शांत किया। एक सवाल लगभग सभी जगह कार्यकर्ताओं के जहन में रहा कि जब समाज का कोई व्यक्ति उच्च अधिकारी बन जाता है तब वह समाज के लोगों की अनदेखी करता है।

चुनाव में पैसे की समस्या पर अशोक बुवानीवाला का उत्साहवर्धन

इसका जवाब देते हुए अशोक बुवानीवाला ने कहा कि जब समाज के किसी अधिकारी पर कोई विपत्ति आती है तो समाज के लोग कितना उसके साथ खड़े होते हैं।अगर समाज के लोग उन अधिकारियों के संकट के समय में उनके साथ खड़े होंगे तो निश्चित तौर पर अधिकारी भी समाज के लोगों की को न केवल सुनेंगे, बल्कि उनका काम करने के लिए आगे भी आएंगे।बैठकों में कुछ मध्यमवर्गीय या निम्न मध्यमवर्गीय परिवार के लोगों ने कहा कि जब चुनाव का समय आता है तो उन लोगों की इस बात को लेकर अनदेखी की जाती है कि उनके पास पैसा नहीं है और वे चुनाव कैसे लड़ेंगे। ऐसे में वैश्य समाज के लोग दूसरे समाज के साथ खड़े हो जाते हैं। इसके जवाब में अशोक बुवानीवाला ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि समाज के लोग चुनाव लड़ने की तैयारी करें और चुनाव लड़ने के लिए पैसा अपने आप आ जाएगा।

निम्न वर्ग की भागीदारी और भविष्य की योजनाएं

संगठन संवाद कार्यक्रम में न केवल उच्च और उच्च मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाले समाज के लोगों ने शिरकत की, बल्कि निम्न और निम्न मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों ने भी भाग लिया।यह पहला मौका था जब समाज के निचले तबके के लोग समाज के बीच सम्मान से बैठ सके और एक तरह से संगठन संवाद कार्यक्रम प्रदेश भर में एक नई लौ जला गया है।लगभग सभी जिलों में इस बात पर भी चर्चा हुई कि इस प्रकार के कार्यक्रम अगर जिले से बाहर आकर विधानसभा स्तर पर आयोजित किए जाएं तो वैश्य समाज को संगठित करने और उसे आगे बढ़ाने में काफी सफलता मिलेगी।

Share:

Comments

Leave a comment