मंत्री थप्पड़ मारे तो पुलिस की शाबाशी ,आम आदमी मंत्री को मारे थप्पड़ तो पुलिस थर्ड डिग्री और मिलती जेल

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में उपमुख्यमंत्री एक युवक को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं।
युवक कथित तौर पर खराब सड़क का वीडियो बना रहा था और उपमुख्यमंत्री से सवाल पूछ रहा था।
इस घटना पर वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि "जब कोई आम नागरिक किसी राजनेता को थप्पड़ मारता है तो उसे महीनों जेल भुगतनी पड़ती है, लेकिन जब कोई राजनेता आम नागरिक को सवाल पूछने पर थप्पड़ मारता है तो वह आराम से आजाद घूमता रहता है।"
उन्होंने इसे ‘दोहरा कानून’ बताया है।
वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है।
दिल्ली में सड़क पर सवाल पर थप्पड़? वायरल वीडियो पर छिड़ा बवाल
रविवार 27 सितंबर 2026 को दिल्ली के तिलक नगर-विकसपुरी इलाके में सड़क निरीक्षण के दौरान दिल्ली सरकार के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक युवक को थप्पड़ मारा। युवक AAP विधायक जरनैल सिंह का सोशल मीडिया हैंडलर था और सड़क की खराब हालत रिकॉर्ड कर रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद AAP ने गिरफ्तारी की मांग की, जबकि मंत्री ने परिवार को गाली और कमीशन मांगने का आरोप लगाकर सफाई दी। दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
राजकुमार अग्रवाल /27 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिपोर्ट
दिल्ली की सड़कों की गुणवत्ता हमेशा से राजनीतिक मुद्दा रही है, लेकिन रविवार को तिलक नगर में जो दृश्य देखने को मिला, उसने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया। निर्माणाधीन या नई बनी सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री और स्थानीय विधायक के बीच तीखी नोक-झोंक के दौरान एक युवक का वीडियो रिकॉर्ड करना मंत्री को नागवार गुजरा। कैमरे में कैद हुआ थप्पड़ अब सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
यह घटना सिर्फ एक थप्पड़ की नहीं है। इसमें सड़क निर्माण की गुणवत्ता, कथित भ्रष्टाचार के आरोप, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और आम नागरिक के सवाल पूछने के अधिकार जैसे कई पहलू जुड़ गए हैं। वीडियो में साफ दिखता है कि प्रवेश वर्मा युवक का मोबाइल नीचे करते हैं और फिर थप्पड़ जड़ते हैं। आसपास भीड़ जमा हो जाती है और सुरक्षा कर्मी बीच में आ जाते हैं।
घटना कैसे हुई?
विकसपुरी रिंग रोड पर कई दिनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा था। रविवार दोपहर PWD मंत्री प्रवेश वर्मा निरीक्षण के लिए पहुंचे। स्थानीय AAP विधायक जरनैल सिंह भी मौके पर मौजूद थे। विधायक और उनके समर्थकों ने नई बनी सड़क की ऊपरी परत को हाथ से उखाड़कर दिखाया। उनका आरोप था कि सड़क की गुणवत्ता खराब है और सामग्री आसानी से निकल रही है।
इसी दौरान साहेब सिंह नाम के 22 वर्षीय युवक वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। साहेब जरनैल सिंह के सोशल मीडिया टीम से जुड़े हैं और ग्रेजुएशन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि PWD विभाग ने सड़क की स्थिति जांचने के लिए बुलाया था। वे लाइव स्ट्रीमिंग भी कर रहे थे। जब उन्होंने सड़क की टूटती परत दिखाई तो नोक-झोंक बढ़ गई।
वीडियो में मंत्री मोबाइल नीचे खींचते और थप्पड़ मारते नजर आते हैं। आवाजें सुनाई देती हैं जैसे “ओये मार कैसे रहा है” और “थप्पड़ मार दिया भाई”। सुरक्षा कर्मी युवक को दूर ले जाते हैं। साहेब का आरोप है कि मंत्री के साथ आए लोगों ने जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस मौके पर मौजूद थी।
युवक का पक्ष
साहेब सिंह ने मीडिया से कहा कि उन्होंने किसी को गाली नहीं दी। वे विधायक के निर्देश पर रिकॉर्डिंग कर रहे थे। सड़क की सतह टूटकर निकल रही थी, जिसे उन्होंने मंत्री को दिखाया। मंत्री बर्दाश्त नहीं कर सके और हाथ उठा लिया। उन्होंने विकसपुरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस तथ्यों की जांच कर रही है। साहेब ने माफी और कार्रवाई की मांग की है।
मंत्री प्रवेश वर्मा की सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद प्रवेश वर्मा ने खुद वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि AAP द्वारा प्रसारित वीडियो अधूरा है। विकसपुरी रिंग रोड पर काम चल रहा था। स्थानीय विधायक जरनैल सिंह लंबे समय से PWD इंजीनियरों पर दबाव बना रहे थे कि ठेकेदार से मिलवाएं और कमीशन दिलाएं।
मंत्री के अनुसार जब कमीशन नहीं मिला तो रात में बनी सड़क सुबह उखाड़ दी जाती थी और भ्रष्टाचार के वीडियो बनाए जाते थे। इंजीनियरों ने पुलिस में शिकायत भी की है। मौके पर जरनैल सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और अभद्र व्यवहार किया। एक कार्यकर्ता ने मंत्री के परिवार को गाली दी। आवेश में आकर उन्होंने वही किया जो कोई भी व्यक्ति करता। उन्होंने कहा कि जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
AAP ने वीडियो को जोर-शोर से प्रसारित किया। अरविंद केजरीवाल ने मांग की कि मंत्री को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। वे खुद घटनास्थल पर जाने वाले थे। AAP का आरोप है कि भ्रष्टाचार के सबूत सामने आने पर मंत्री बौखला गए और रिकॉर्डिंग रोकने के लिए थप्पड़ मारा। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी गुंडागर्दी का आरोप लगाया।
राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं ने भी भाजपा पर निशाना साधा। वहीं भाजपा पक्ष से मंत्री की सफाई को ही प्रमुखता दी जा रही है। दिल्ली पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है। अभी तक किसी पक्ष के खिलाफ FIR दर्ज होने की पुष्टि आधिकारिक रूप से पूरी तरह नहीं हुई है, हालांकि शिकायतें दर्ज हैं।
सड़क की गुणवत्ता और पुराना विवाद
दिल्ली में सड़क निर्माण हमेशा विवादों में रहा है। मानसून में गड्ढे, खराब सामग्री और बार-बार मरम्मत के आरोप लगते रहे हैं। इस बार नई बनी सड़क की परत आसानी से निकलने का आरोप है। विधायक ने हाथ से उखाड़कर दिखाया, जो वीडियो में कैद है। मंत्री पक्ष का कहना है कि जानबूझकर नुकसान पहुंचाया जा रहा था ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके।
ऐसे विवादों में आम नागरिक फंस जाते हैं। साहेब जैसे युवक जो सोशल मीडिया हैंडलिंग करते हैं, अक्सर घटनाओं को रिकॉर्ड करते हैं। सवाल यह उठता है कि सार्वजनिक जगह पर वीडियो बनाने और सवाल पूछने पर हिंसा का जवाब कितना उचित है।
दोहरे मानदंड की चर्चा
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस घटना को दोहरे कानून का उदाहरण बताया। कुछ ने कहा कि आम आदमी राजनेता को थप्पड़ मारे तो सख्त कार्रवाई होती है, लेकिन उलटा होने पर मामला ठंडा पड़ जाता है। हालांकि रवीश कुमार जैसे वरिष्ठ पत्रकारों की इस घटना पर विशिष्ट टिप्पणी की पुष्टि प्रमुख स्रोतों में नहीं मिली। फिर भी चर्चा में कानून के समान लागू होने का मुद्दा जरूर उठा है।
कानूनी पहलू
थप्पड़ मारना हमला माना जा सकता है। अगर धमकी भी साबित हुई तो और धाराएं लग सकती हैं। मंत्री का पक्ष है कि गाली-गलौज के बाद प्रतिक्रिया हुई। पुलिस दोनों शिकायतों की जांच करेगी। वीडियो सबूत के रूप में महत्वपूर्ण है। आखिरकार अदालत या पुलिस रिपोर्ट तय करेगी कि क्या हुआ।
यह घटना दिल्ली की सियासत को गरमा रही है। सड़क की गुणवत्ता सुधारना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन हिंसा किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं। दोनों पक्षों को शांति बनाए रखते हुए जांच का इंतजार करना चाहिए। आम नागरिकों को सवाल पूछने का हक है, लेकिन तरीके शालीन होने चाहिए।
प्रवेश वर्मा की सफाई और युवक की शिकायत दोनों सामने हैं। पुलिस जांच जारी है। आने वाले दिनों में FIR, कार्रवाई या माफी जैसे कदम देखे जा सकते हैं। दिल्लीवासियों के लिए असली मुद्दा अच्छी सड़कें हैं। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए।