मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता आज होंगे सेवानिवृत्त, एक्सटेंशन और री-एम्प्लॉयमेंट पर टिकी सबकी निगाहें

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रधान सचिव तथा 1992 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता बुधवार को सेवानिवृत्त होंगे। अरुण कुमार गुप्ता वर्तमान में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के साथ वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे हैं। प्रशासनिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद उन्हें आईएएस सेवा में विस्तार मिलेगा या फिर सेवानिवृत्ति के बाद किसी अन्य व्यवस्था के तहत जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
कानूनी प्रक्रिया और नियम
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एवं प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार के अनुसार, विशेष परिस्थितियों में संबंधित राज्य सरकार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को सेवा-विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेज सकती है। ऐसे मामलों में केंद्र स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही अंतिम निर्णय लिया जाता है। वित्तीय एवं बजट निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अधिकारी की भूमिका को भी इस प्रस्ताव के तथ्यात्मक आधार के रूप में रखा जा सकता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि 60 वर्ष की आयु के बाद आईएएस में सेवा-विस्तार सामान्य सेवानिवृत्ति से बिल्कुल अलग एक विशेष व्यवस्था है। इस विशेष व्यवस्था के लिए सक्षम केंद्रीय प्राधिकारी की मंजूरी होना अनिवार्य होता है।
पिछला उदाहरण और अन्य संभावनाएं
हेमंत कुमार ने 2009 बैच के आईएएस अधिकारी मुकेश आहूजा का उदाहरण देते हुए पूरी जानकारी दी है। मार्च 2026 के अंत में सेवानिवृत्ति के बाद मुकेश आहूजा को 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक तीन महीने की पुनर्नियुक्ति दी गई थी। इस विशेष अवधि के दौरान उन्होंने हरियाणा लोक सेवा आयोग के सचिव के रूप में कार्य किया था। इसके अलावा उन्होंने कुछ समय के लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाला था। ऐसे में अरुण गुप्ता के मामले में 30 सितंबर की सेवानिवृत्ति के बाद केंद्र से आईएएस में सेवा-विस्तार मिल सकता है। राज्य सरकार द्वारा अलग कानूनी प्रक्रिया के तहत सीमित अवधि की पुनर्नियुक्ति की संभावनाओं को लेकर भी प्रशासनिक नियमों के पहलुओं पर लगातार चर्चा की जा रही है।