एशियन गेम्स 2026 में बॉक्सर अंकुश पंघाल ने जीता गोल्ड मेडल, पिता सुरेश पंघाल ने बताया बहुत बड़ी उपलब्धि

हिसार, हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सर अंकुश पंघाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेंस 80kg बॉक्सिंग इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। इस जीत के बाद उनके पिता सुरेश पंघाल ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि बताया है।
- एशियन गेम्स 2026 जापान के आइची-नागोया में आयोजित किए जा रहे हैं।
- भारतीय बॉक्सर अंकुश पंघाल ने फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया के किम मिन-सेओंग को हराया।
- अंकुश ने इससे पहले ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का टाइटल भी जीता था।
पिता सुरेश पंघाल का बयान
अंकुश के पिता सुरेश पंघाल ने एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कि यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स हुए थे और वहां भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने वहां बहुत अधिक मेहनत की थी। बचपन से ही उनकी खेलों में गहरी रुचि रही है। पिता ने खुद भी इसमें शामिल होने की बात कही और कहा कि वह एक तरह से इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
फाइनल मुकाबले का रोमांचक सफर
कॉमनवेल्थ गेम्स के मौजूदा चैंपियन अंकुश ने फाइनल मुकाबले में बेहद आक्रामक खेल दिखाया। वह जकार्ता 2018 गेम्स में मेंस 49kg कैटेगरी में अमित पंघाल के गोल्ड जीतने के बाद एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए हैं। अंकुश ने मुकाबले की शुरुआत बहुत आक्रामक तरीके से की। उन्होंने कोरियाई बॉक्सर किम के शरीर को निशाना बनाते हुए राइट हुक लगाए और उसके बाद अपरकट का इस्तेमाल किया। कोरियाई बॉक्सर के खिलाफ एक वॉर्निंग पॉइंट मिलने से भी भारतीय खिलाड़ी को फायदा हुआ और उसने पहला राउंड 4-1 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे और तीसरे राउंड में दबदबा
भारतीय बॉक्सर ने दूसरे राउंड में भी अपनी रफ्तार बनाए रखी। उन्होंने त्वरित कॉम्बिनेशंस और प्रभावी काउंटर-पंचिंग का बेहतरीन प्रदर्शन किया। हालांकि दोनों बॉक्सर्स ने बॉडी शॉट्स से सफलता हासिल की, लेकिन अंकुश की आक्रामकता और मूवमेंट ने उन्हें यह राउंड 5-0 से जीतने में मदद की। आखिरी राउंड में किम ने वापसी करने की कोशिश की। उन्होंने काउंटर-पंच और मूवमेंट का इस्तेमाल किया, लेकिन अंकुश ने जजों के स्कोरकार्ड पर अपनी बढ़त बनाए रखी। भारतीय बॉक्सर ने आखिरी चुनौती का डटकर सामना किया और अंत में उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया।
मेडल का समर्पण और बहन का बयान
अंकुश ने अपना यह गोल्ड मेडल अपने माता-पिता, कोच और अपनी यूनिट यानी भारतीय सेना की 6 ग्रेनेडियर्स को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यह जीत उनकी कड़ी मेहनत और खुद पर विश्वास का परिणाम है। उनकी बहन अंजू ने भी खेल में उनके सफर को याद किया और उनकी पिछली उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जापान में हो रहे एशियन गेम्स में आज कोरिया के खिलाफ उनका फाइनल मुकाबला था। उन्होंने 80kg कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता है और यह एक कफ मुकाबला था। उन्होंने यूथ कैटेगरी में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं और दिल्ली में आयोजित बॉक्सिंग वर्ल्ड कप में भी सिल्वर मेडल जीता था।
भारत के लिए ऐतिहासिक दिन
यह जीत एशियन गेम्स में भारत के लिए दिन का तीसरा बॉक्सिंग गोल्ड साबित हुई। इस जीत ने खेल में देश के शानदार अभियान को और अधिक मजबूत कर दिया है।