हरियाणा की युवती का नेता के अमरोहा फार्महाउस में गैंगरेप: 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार

Atal Hind Team Online24 September 20269 min read1344 viewsउत्तरप्रदेश
हरियाणा की युवती का नेता के अमरोहा फार्महाउस में गैंगरेप: 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार

अमरोहा फार्महाउस गैंगरेप: हरियाणा की युवती से आरोप, 4 गिरफ्तार

पाठकों के लिए: हरियाणा के फतेहाबाद की करीब 23–24 वर्षीय युवती को धार्मिक स्थलों की यात्रा के बहाने उत्तर प्रदेश के अमरोहा लाए जाने के बाद फार्महाउस में कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार मामले में दो यूपी पुलिसकर्मी और दो सीआरपीएफ कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना 22 सितंबर की रात हसनपुर क्षेत्र में बताई गई है और युवती ने 23 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे पुलिस से संपर्क किया।

अमरोहा/हरियाणा।/ 24 सितम्बर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र में हरियाणा की एक युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के एक उपनिरीक्षक और एक हेड कांस्टेबल के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक अधिकारी और एक हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। चारों के खिलाफ युवती की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता हरियाणा के फतेहाबाद जिले की रहने वाली है। विभिन्न रिपोर्टों में उसकी उम्र 23 और 24 वर्ष बताई गई है। अमरोहा के पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के अनुसार, युवती से 20 सितंबर को एक महिला परिचित ने संपर्क किया था। उसे बताया गया कि अमरोहा में धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए CRPF अधिकारी मोहित से उसकी मुलाकात कराई जाएगी। इसी मुलाकात के बाद घटनाक्रम आगे बढ़ा।

सोनपत से मेरठ और फिर अमरोहा पहुंची युवती

पुलिस के मुताबिक युवती की 21 सितंबर को हरियाणा के सोनीपत में मोहित से मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों मेरठ की ओर गए। मेरठ में CRPF के हेड कांस्टेबल लाला राम यादव भी उनके साथ शामिल हुए। पुलिस के अनुसार लाला राम यादव राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला है, जबकि मोहित के संबंध मुजफ्फरनगर जिले से बताए गए हैं। इसके बाद तीनों अमरोहा के हसनपुर की तरफ रवाना हुए।

रिपोर्टों के मुताबिक 22 सितंबर की शाम रास्ते में उत्तर प्रदेश पुलिस के उपनिरीक्षक संजय तोमर भी उनके साथ हो गए। पुलिस के अनुसार इसके बाद युवती को अतरासी-हसनपुर मार्ग पर स्थित एक फार्महाउस ले जाया गया। वहां दो कमरे किराये पर लिए गए। पुलिस हेड कांस्टेबल प्रमोद पर समूह के लिए खाना और शराब की व्यवस्था करने का आरोप है। इसके बाद कमरे में कथित तौर पर वारदात हुई।

युवती ने लगाए गंभीर आरोप

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार युवती ने आरोप लगाया कि CRPF अधिकारी मोहित, हेड कांस्टेबल लाला राम यादव और यूपी पुलिस के उपनिरीक्षक संजय तोमर ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। युवती का आरोप है कि इसके बाद यूपी पुलिस का हेड कांस्टेबल प्रमोद भी कमरे में आया और उसने भी उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया।

शिकायत के अनुसार युवती ने प्रमोद को धक्का देकर कमरे से बाहर कर दिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उसने इंटरनेट पर पुलिस का हेल्पलाइन नंबर तलाशा। करीब सुबह 6 बजे उसने पुलिस को फोन कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही हसनपुर और रजबपुर थानों की पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं और युवती को सुरक्षित बाहर निकाला।

पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया

अमरोहा पुलिस के मुताबिक सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीम ने युवती को सुरक्षा में लिया और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के अनुसार युवती की शिकायत के आधार पर चारों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। चारों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी भी पुलिस ने दी है।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच में आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। यानी अभी अदालत में आरोप साबित होना बाकी है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई शिकायत, प्रारंभिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अधिकार रहेगा।

कौन-कौन आरोपी, क्या है आरोप

पुलिस और समाचार रिपोर्टों में जिन चार लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें CRPF अधिकारी मोहित, CRPF हेड कांस्टेबल लाला राम यादव, उत्तर प्रदेश पुलिस के उपनिरीक्षक संजय तोमर और हेड कांस्टेबल प्रमोद शामिल हैं। इनमें तीन लोगों पर युवती ने दुष्कर्म करने और चौथे पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया है। पुलिस ने चारों को मामले में आरोपी बनाया है।

रिपोर्टों के अनुसार संजय तोमर और प्रमोद हसनपुर थाने से जुड़े पुलिसकर्मी बताए गए हैं। CRPF से जुड़े दोनों कर्मियों की तैनाती और सेवा संबंधी विवरण की भी जांच की जा रही है। इस मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि शिकायत में सरकारी सुरक्षा और पुलिस बल से जुड़े कर्मियों की कथित भूमिका सामने आई है।

उपनिरीक्षक निलंबित, CRPF को रिपोर्ट

अमरोहा के एसपी लखन सिंह यादव के अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस के उपनिरीक्षक संजय तोमर को निलंबित किया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। इसके साथ ही CRPF के वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है, जिसमें दोनों CRPF कर्मियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

यह कार्रवाई आपराधिक जांच से अलग विभागीय स्तर पर चलने वाली प्रक्रिया है। आपराधिक मामले में अदालत यह तय करेगी कि आरोपों के संबंध में क्या साक्ष्य हैं और कानूनी रूप से आगे क्या कार्रवाई बनती है। वहीं विभागीय स्तर पर संबंधित बल अपने कर्मचारियों की सेवा संबंधी जिम्मेदारी और आचरण की जांच कर सकते हैं।

फार्महाउस किसका है, पुलिस कर रही जांच

घटना जिस फार्महाउस में होने का आरोप है, उसके स्वामित्व को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। हसनपुर कोतवाली प्रभारी अमर पाल सिंह के हवाले से कई रिपोर्टों में कहा गया है कि फार्महाउस कथित तौर पर उत्तराखंड के एक निर्दलीय विधायक से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने संपत्ति के मैनेजर से पूछताछ की है और मामले में फार्महाउस की भूमिका तथा वहां मौजूद लोगों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी संपत्ति के स्वामित्व या उससे जुड़े व्यक्ति का नाम सामने आने का अर्थ यह नहीं है कि उस व्यक्ति की इस आपराधिक घटना में कोई भूमिका है। उपलब्ध पुलिस जानकारी में विधायक को आरोपी नहीं बताया गया है। फार्महाउस के मालिकाना हक और वहां कमरे बुक कराने तथा अन्य गतिविधियों से जुड़े तथ्यों की पुलिस जांच कर रही है।

धार्मिक यात्रा के बहाने ले जाने का आरोप

मामले में सामने आई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक युवती को अमरोहा में धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने की बात कही गई थी। 20 सितंबर को एक महिला परिचित के माध्यम से CRPF अधिकारी मोहित से संपर्क कराया गया। इसके अगले दिन सोनीपत में मुलाकात हुई और फिर यात्रा का सिलसिला शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार युवती बाद में मेरठ होते हुए अमरोहा पहुंची।

पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ रही है। जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी है कि युवती को किस उद्देश्य से अमरोहा ले जाया गया, किसने यात्रा की योजना बनाई, फार्महाउस में कमरे किसके नाम से लिए गए और वहां चारों आरोपियों की मौजूदगी किस तरह हुई। इन सवालों के जवाब जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों से स्पष्ट होंगे।

सुबह फोन के बाद पहुंची पुलिस

इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम युवती द्वारा खुद पुलिस से संपर्क करना बताया गया है। शिकायत के मुताबिक कमरे में खुद को बंद करने के बाद उसने इंटरनेट पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर तलाशा और सुबह करीब 6 बजे पुलिस को फोन किया। इसके बाद हसनपुर और रजबपुर पुलिस की टीमें फार्महाउस पहुंचीं।

पुलिस के अनुसार युवती को मौके से सुरक्षित निकाला गया। इसके बाद चारों आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। प्रारंभिक रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की। मामले की जांच अभी जारी है।

BNS के तहत दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार इसमें कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले जाने और सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

इस मामले में आगे मेडिकल जांच, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाना, डिजिटल और मोबाइल रिकॉर्ड की जांच, फार्महाउस से संबंधित दस्तावेज तथा आरोपियों और शिकायतकर्ता के बयानों की पड़ताल जैसे पहलू महत्वपूर्ण होंगे। जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि या खंडन से जुड़े तथ्य अदालत के सामने रखेंगी।

पुलिस और CRPF की जवाबदेही पर भी सवाल

घटना में पुलिस और अर्धसैनिक बल से जुड़े कर्मियों के नाम आने के कारण मामला केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है। विभागीय जवाबदेही का पहलू भी इसमें जुड़ गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने संबंधित उपनिरीक्षक के खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई शुरू करने की जानकारी दी है, जबकि CRPF को दोनों कर्मियों के संबंध में रिपोर्ट भेजी गई है।

किसी भी सरकारी बल के कर्मचारी पर गंभीर आपराधिक आरोप लगने की स्थिति में दो अलग प्रक्रियाएं चल सकती हैं—पहली आपराधिक जांच और दूसरी विभागीय कार्रवाई। आपराधिक मामले में दोष या निर्दोषता अदालत के निर्णय से तय होगी, जबकि विभागीय कार्रवाई सेवा नियमों के तहत होती है। इसलिए मौजूदा स्थिति में आरोपों और अदालत में साबित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई

घटना के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पुलिस बल से जुड़े लोगों की कथित भूमिका पर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनकी प्रतिक्रिया राजनीतिक बयान के रूप में सामने आई है और यह मामले की कानूनी जांच से अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया है।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। चारों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और मामले में अदालत की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फार्महाउस के मैनेजर से पूछताछ, आरोपियों की भूमिका, युवती के बयान और उपलब्ध भौतिक तथा डिजिटल साक्ष्यों की जांच इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी।

जांच में आगे क्या महत्वपूर्ण होगा

मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस को घटनास्थल से क्या-क्या साक्ष्य मिलते हैं और आरोपियों तथा युवती के बयानों का अन्य उपलब्ध प्रमाणों से कितना मेल बैठता है। यात्रा के दौरान इस्तेमाल वाहन, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, लोकेशन, फार्महाउस की बुकिंग और वहां मौजूद लोगों से जुड़ी जानकारी जांच का हिस्सा बन सकती है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, एफआईआर दर्ज हो चुकी है और विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू की गई है। युवती को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

निष्कर्ष: अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र में हरियाणा की युवती द्वारा लगाए गए कथित सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों ने पुलिस और CRPF से जुड़े चार कर्मियों को जांच के घेरे में ला दिया है। 22 सितंबर की रात की बताई जा रही घटना के बाद 23 सितंबर की सुबह युवती के पुलिस से संपर्क करने पर कार्रवाई शुरू हुई और चारों आरोपी गिरफ्तार किए गए। पुलिस जांच जारी है तथा आरोपों की अंतिम कानूनी पुष्टि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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