31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को चिट्टे के कारोबार से मुक्त करने का लक्ष्य, अमित शाह के बयान पर आप और भाजपा आमने-सामने

परमजीत सिंह कैंथ ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है और कहा है कि गुजरात को राजनीतिक ढाल बनाकर पंजाब के नशे के संकट से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने यह तीखा जवाब दिया है।
नशे के मुद्दे पर जवाबदेही की मांग
पंजाब की माताओं द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब गुजरात का हवाला देकर नहीं दिया जा सकता है। कैंथ ने स्पष्ट किया कि पंजाब पूछ रहा है कि नशा कहां से आ रहा है। इसे कौन बेच रहा है और हमारे युवाओं को बचाने के लिए क्या किया जा रहा है।
जेलों में बंद कैदियों और पुलिस के आंकड़े
पंजाब सरकार द्वारा हाईकोर्ट में आंकड़े पेश किए गए थे। इन आंकड़ों के अनुसार 35449 जेल कैदियों में से 15768 ओपिओइड-असिस्टेड ट्रीटमेंट के लिए पंजीकृत हैं। यह संख्या लगभग 45 प्रतिशत है। दूसरी ओर पंजाब पुलिस के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2025 से सितंबर 2026 तक कार्रवाई की गई। इस दौरान 60582 एफआईआर दर्ज की गईं। 79784 कथित नशा तस्कर गिरफ्तार किए गए। इसके अलावा 3803 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई।
अमित शाह की घोषणा और भाजपा का लक्ष्य
अमित शाह ने 30 सितंबर को जालंधर में एक बड़ी घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि यदि 2027 में भाजपा सरकार बनती है तो 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को चिट्टे के कारोबार से मुक्त किया जाएगा। उन्होंने नशा-मुक्त पंजाब को 2027 के भाजपा अभियान का मुख्य मुद्दा बनाने की बात भी कही है। कैंथ ने जोर देकर कहा कि अब बहानों का समय नहीं है और पंजाब की माताओं को राजनीतिक बहस नहीं बल्कि अपने बच्चों के लिए वास्तविक आजादी चाहिए。