गंदगी के ढेर पर बराड़ा शहर,बाजारों से लेकर नपा कार्यालय तक गंदगी के ढेर

गंदगी के ढेर पर बराड़ा शहर,बाजारों से लेकर नपा कार्यालय तक गंदगी के ढेर
अम्बाला से अटल हिन्द सहयोगी पूर्ण सिंह की रिपोर्ट
सफाईकर्मियों की लंबे समय से चली हड़ताल के बाद बराड़ा शहर गंदगी के ढेर पर बैठा है। हर तरफ कूड़़ा ही कूड़ा दिखाई देता है। मुख्य बाजार से लेकर कॉलोनियों की गलियों में गंदगी का आलम है। यही नहीं शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने वाले नगरपालिका कार्यालय के प्रांगण में भी कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। बराड़ा के 16 वार्डों में करीब एक लाख से ज्यादा की जनसंख्या निवास कर रही है और बराड़ा में करीब 24 हजार मतदाता हैं। क्षेत्रफल और जनसंख्या के हिसाब से बराड़ा का विस्तार हो रहा है, लेकिन सफाई व्यवस्था के लिए टैंडर कम है। यह तो वह आंकड़े हैं जो बराड़ा शहरी क्षेत्र के स्थाई निवासियों के हैं। जबकि बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्होंने बराड़ा के आसपास गांवों से आकर शहर में घर बना लिए हैं, लेकिन उनकी वोट अभी भी गांवों में हैं। इन लोगों को बराड़ा में नहीं गिना जाता। जबकि ऐसे लोगों के काफी संख्या में घर बनाने से बराड़ा का विस्तार हुआ है। सुविधाएं तो उन्हें भी चाहिएं। लेकिन ठेका यहां के मतदाताओं के हिसाब से जाता है।
चेयरमैन रजत मलिक के अनुसार बीते कल अधिकारियों के साथ मीटिंग की गई। जिसमें कहा गया कि सफाई कार्य हर हाल में शुरू होना चाहिए। चूंकि अब नियमानुसार सफाई का ठेका पांच साल के लिए कर दिया गया है। ऐसे में जब तक उसकी मंजूरी नहीं मिलती तो सफाई कार्य के लिए त्वरित कार्रवाई करनी होगी। इसके लिए एक महीने के लिए एक लाख रूपय मंजूर किए गए हैं। यदि दो दिन में सफाईकर्मियों की समस्या का हल और पांच साल के टैंडर को अमलीजामा नहीं पहनाया गया तो जल्द ही एक लाख रुपए में कुछ सफाईकर्मियों से काम करवाकर सफाई कार्य करवाए जाएंगे।
डंपिंग ग्राउंड तो हैं, लेकिन उसमें जाने का रास्ता नहीं
उल्लेखनीय है कि करीब 13 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले 16 वार्ड, करीब 9 हजार मकान और लगभग 90 हजार की आबादी वाले बराड़ा शहर की बड़ी समस्या शहर से उठाए गए कूड़े को गिराने की है। चूंकि नगरपालिका का डंपिंग ग्रांड दादुपुर रोड पर सज्जन माजरी गांव के पास हैै। लेकिन उसमें जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। सडक़ से डंपिंग ग्रांउड तक रास्ते में किसान की जमीन है। यदि खेत खाली हों तो उसमें से कूृड़े की गाड़ी निकल जाती है, लेकिन यदि कोई फसल हो तो परेशानी हो जाती है। ऐसे में इसके लिए स्थाई रास्ते का भी समाधान होना जरूरी है।
वहीं इस संबंध में नगरपालिका चेयरमैन रजत मलिक का कहना है कि स्थाई रास्ते का हल निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नया टैंडर लगाया है: मोहित सैनी
नपा सचिव मोहित सैनी ने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए पिछला एक वर्ष का ठेका अब समाप्त हो चुका है। शहर की सफाई व्यवस्था को नियमित करने के लिए अब पांच वर्ष का नया टेंडर लगाया गया है। इसकी फाइल रेट अप्रूवल के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित कमेटी के समक्ष भेजी जा चुकी है। कमेटी से मंजूरी मिलते ही पांच वर्ष के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की नई व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। सडक़ों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 6 महीने का रोड स्वीपिंग का टेंडर भी लगाया जा चुका है, जो करीब एक सप्ताह में खुलने की संभावना है। रोड स्वीपिंग शुरू होने के बाद सडक़ों पर नियमित सफाई सुनिश्चित होने और गंदगी की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। नपा सचिव के अनुसार पांच वर्ष का डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और रोड स्वीपिंग व्यवस्था शुरू होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़ी अधिकांश समस्याओं का स्थायी समाधान हो सकेगा।