पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का बड़ा ऐलान, 2027 में सरकार बनने पर सभी अस्थायी ड्राइवरों और कंडक्टरों को किया जाएगा नियमित

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का बड़ा ऐलान, 2027 में सरकार बनने पर सभी अस्थायी ड्राइवरों और कंडक्टरों को किया जाएगा नियमित

‘वड़िंग विद वॉरियर्स’ के आठवें सत्र के दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कई बड़े खुलासे किए हैं। इस लाइव बातचीत में उन्होंने अपने 111 दिनों के कार्यकाल को याद किया और ट्रांसपोर्ट माफिया पर जमकर निशाना साधा।

चंडीगढ़, 27 सितंबर: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज एक बड़ा वादा किया है। उन्होंने घोषणा की है कि 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद जब राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी, तो परिवहन विभाग में कार्यरत सभी अस्थायी ड्राइवरों और कंडक्टरों की सेवाओं को पक्का किया जाएगा।

111 दिनों के कार्यकाल और ट्रांसपोर्ट माफिया पर किए गए खुलासे

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

‘वड़िंग विद वॉरियर्स’ के आठवें सत्र में लाइव बातचीत के दौरान, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब के परिवहन मंत्री के रूप में अपने 111 दिनों के छोटे कार्यकाल को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने सरकारी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और उसे पटरी पर लाने के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि एक बेहद प्रभावशाली परिवार और उसके रसूखदार सहयोगियों ने पंजाब की पूरी परिवहन व्यवस्था पर कब्जा जमा लिया था और एक मजबूत “ट्रांसपोर्ट माफिया” खड़ा कर दिया था। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें तुरंत यह अहसास हो गया था कि इस माफिया के एकाधिकार को तोड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण काम था।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के बेहोश होने और रूटों की हेरफेर का मामला

वड़िंग ने एक चौंकाने वाला किस्सा साझा करते हुए बताया कि एक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी यानी RTO उस समय अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा था, जब उसे एक प्रभावशाली और चर्चित राजनीतिक परिवार की अवैध रूप से चल रही बस का चालान काटने के आदेश दिए गए थे और अत्यधिक तनाव के कारण उसका शुगर लेवल अचानक गिर गया था।

पूर्व परिवहन मंत्री ने विस्तार से बताया कि “ट्रांसपोर्ट माफिया” ने बसों के रूट और टाइमिंग में इस हद तक हेरफेर कर रखी थी कि सरकारी बसों को जानबूझकर भारी घाटे में धकेल दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राइम टाइम हमेशा निजी ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को दिया जाता था और उनकी बसों को यात्रियों को चढ़ाने के लिए जितनी मर्जी उतनी देर तक रुकने की पूरी छूट मिलती थी, जबकि सरकारी बसों को आधा मिनट तक भी सड़क पर खड़े होकर इंतजार करने की अनुमति नहीं दी जाती थी।

अवैध रूट विस्तार और इंटीग्रल कोच परमिट का सच

उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि निजी बसें हर दिन 99,000 अतिरिक्त किलोमीटर सिर्फ इसलिए चलती थीं क्योंकि “अवैध रूट विस्तार” का खेल चल रहा था। इनमें से अकेले 60,000 किलोमीटर का सफर एक ही परिवार की बसों द्वारा कवर किया जाता था, और उन्होंने यह भी बताया कि इन अवैध रूप से बढ़ाए गए परमिटों को रद्द करवाने के लिए उन्हें और उनकी टीम को काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।

इसी प्रकार, उन्होंने खुलासा किया कि सरकार की ओर से कुल 80 “इंटीग्रल कोच” परमिट जारी किए गए थे, जिनमें से अकेले 50 परमिट एक ही परिवार के पास थे। वड़िंग ने बताया कि परिवहन विभाग की कमान संभालते ही उन्होंने सबसे पहले इन बसों पर टैक्स में बढ़ोतरी कर दी, जिसके बाद यात्रियों ने दोबारा से सरकारी बसों की तरफ रुख करना शुरू कर दिया।

टैक्स चोरी के तरीके और सरकारी राजस्व में भारी उछाल

प्रणाली में हेरफेर और टैक्स चोरी का एक अन्य तरीका कम टैक्स देकर “कॉन्ट्रैक्ट कैरिज” बसें चलाना था। उन्होंने समझाया कि हालांकि ये बसें असल में “स्टेज कैरिज” की तरह संचालित होती थीं, जिन पर अधिक टैक्स देय होता था, लेकिन कागजों में इन्हें “कॉन्ट्रैक्ट कैरिज” दिखाकर कम टैक्स चुकाया जाता था।

वड़िंग ने गर्व के साथ बताया कि उनके द्वारा उठाए गए इन सख्त कदमों के तत्काल सकारात्मक परिणाम सामने आए और मात्र 15 दिनों के भीतर ही सरकारी परिवहन के राजस्व में सीधे 7.75 करोड़ रुपये की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वेतन वृद्धि और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने का वादा

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सभी ड्राइवरों और कंडक्टरों के वेतन में बढ़ोतरी की थी और दिवाली का त्योहार आने से पहले ही बढ़ा हुआ वेतन उनके बैंक खातों में सफलतापूर्वक जमा करवा दिया गया था।

हालांकि, उन्होंने एक दुखद बात साझा करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का गहरा अफसोस है कि वह अपने छोटे से कार्यकाल में अस्थायी ड्राइवरों और कंडक्टरों की सेवाओं को नियमित नहीं कर पाए क्योंकि उन्हें इसके लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सका था। इसके साथ ही उन्होंने यह पक्का वादा किया कि 2027 में जैसे ही कांग्रेस पार्टी की सरकार दोबारा सत्ता में आएगी, वह इन सभी कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने का कार्य सबसे पहले पूरा करेंगे।

नई बसों की खरीद और बस अड्डों का विकास

इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कुल 850 नई बसों को बेड़े में शामिल करने के कड़े आदेश दिए थे, जिनमें से लगभग 200 बसें उनके खुद के मंत्री पद के कार्यकाल के दौरान ही डिपो में पहुंच गई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाकी बची हुई बसें आम आदमी पार्टी की सरकार के सत्ता में आने के बाद शामिल की गईं, लेकिन उनके आधिकारिक ऑर्डर कांग्रेस पार्टी की पिछली सरकार के समय ही दिए जा चुके थे।

उन्होंने पंजाब के पटियाला और रोपड़ शहरों में कांग्रेस सरकार के शासनकाल के दौरान शुरू किए गए कुछ नए और अत्यंत आधुनिक सुविधाओं से लैस बस अड्डों का भी विशेष रूप से जिक्र किया।

आप सरकार पर परिवहन विभाग की अनदेखी का गंभीर आरोप

अपनी बात समाप्त करते हुए उन्होंने कड़े शब्दों में अफसोस जताया कि मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार ने परिवहन विभाग की पूरी तरह से अनदेखी की है और बदहाली के रास्ते पर छोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज इतनी बड़ी संख्या में सरकारी बसें केवल इसलिए बेकार और कबाड़ हो चुकी हैं क्योंकि सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए उनके घिस चुके टायरों को समय पर बदलना भी जरूरी नहीं समझा।

उन्होंने अंत में आशंका जताई कि शायद ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है ताकि उस निजी ट्रांसपोर्ट माफिया को फिर से फायदा पहुंचाया जा सके, जिसे उन्होंने अपने 111 दिनों के कड़े कार्यकाल के दौरान पूरी तरह से खत्म कर दिया था।

Share:

Comments

Leave a comment