हिसार में एआई एवं रोबोटिक्स पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, भारत समेत कई देशों के विशेषज्ञ हुए शामिल

हिसार में एआई एवं रोबोटिक्स पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, भारत समेत कई देशों के विशेषज्ञ हुए शामिल

गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 'एआई एवं रोबोटिक्स-प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग' विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार को संपन्न हो गया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के अलावा कनाडा, ग्रीस और थाईलैंड से आए विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और तकनीकी ज्ञान को आपस में साझा किया।

  • विश्वविद्यालय के प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग और ऑफसेट प्रिंटर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में सम्मेलन आयोजित हुआ।
  • कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रिंटिंग और संबंधित तकनीकी क्षेत्रों में नवीनतम विकास से अवगत कराना था।
  • कनाडा, ग्रीस और थाईलैंड के विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

समापन समारोह में डीन एकेडमिक अफेयर्स रहे मुख्यातिथि

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विश्वविद्यालय के सीआरएस सभागार में इस आयोजन का समापन समारोह संपन्न हुआ। इस समारोह के मुख्यातिथि विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चाबा रहे। उन्होंने इस सम्मेलन को अत्यंत उपयोगी बताया।

प्रो. योगेश चाबा ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन उद्योग और अकादमिक जगत के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रो. योगेश चाबा ने कहा कि सम्मेलन से प्राप्त परिणामों का उद्देश्य उद्योग और अकादमिक जगत की सर्वोत्तम विशेषज्ञता और अनुभवों को एक साथ लाना होना चाहिए। ताकि तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके।

कनाडा के प्रतिनिधि ने रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर दी प्रस्तुति

सम्मेलन के दौरान कनाडा के प्रतिनिधि इरविन ड्राइवर, कोबर ने 'रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में अवसर' विषय पर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि प्रिंट निर्माण ऐसा क्षेत्र है, जहाँ रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता दोनों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं।

ड्राइवर ने रोबोटिक्स के माध्यम से सामग्री के आवागमन तथा अन्य दोहराए जाने वाले कार्यों को स्वचालित करने की बात कही। उन्होंने कुशल ऑपरेटरों को उनके विशेषज्ञता वाले कार्यों के लिए अधिक समय उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

थाईलैंड और ग्रीस के विशेषज्ञों ने दी आधुनिक अनुप्रयोगों की जानकारी

थाईलैंड के प्रो. (डॉ.) अरन हंसुएबसाई ने प्रिंटिंग उद्योग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स के उपयोग के विभिन्न क्षेत्रों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों का उपयोग प्रिंट उत्पादन की प्रक्रिया को अधिक स्वचालित, कुशल और सटीक बनाने के लिए किया जा सकता है। इसके साथ ही यह उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए भी उपयोगी है।

ग्रीस के प्रो. (डॉ.) अनास्तासियोस ई. पोलिटिस तथा सुश्री एलेक्जेंड्रा वर्गोपोलू ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स के आधुनिक अनुप्रयोगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में इन तकनीकों का वास्तविक रूप से किन-किन क्षेत्रों में प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही प्रिंटिंग उद्योग में इनके व्यावहारिक उपयोग की क्या संभावनाएँ हैं, इस पर भी चर्चा की।

भारत के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव और आयोजित हुई पैनल चर्चा

भारत के केजी सुरेश ने तकनीकी सत्रों के दौरान प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा की। इन सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को नवीनतम तकनीकी विकास और उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त हुई।

विभाग अध्यक्ष डॉ. वंदना गुप्ता तथा सम्मेलन सचिव डॉ. बिजेंद्र कौशिक ने भी सम्मेलन को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। अंतिम दिन पैनल चर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन भी किया गया। इस सत्र में विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के बीच विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

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