हिसार में एग्रीविज़न ने कृषि मंत्री को सौंपा ज्ञापन, छात्रों की मांगों पर की चर्चा

हिसार में एग्रीविज़न ने कृषि मंत्री को सौंपा ज्ञापन, छात्रों की मांगों पर की चर्चा

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एग्रीविज़न हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल ने हिसार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में कृषि और उससे जुड़े विषयों के विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने कृषि, कृषि अभियांत्रिकी, पशुपालन और मत्स्य विज्ञान के छात्रों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की है। इसके साथ ही लंबित भर्तियों में तेजी लाने और भर्ती नियमों में सही योग्यता तय करने का आग्रह किया गया है।

  • एडीओ, एचडीओ और सीड वेरिफिकेशन ऑफिसर के रिक्त पद जल्द भरने की मांग
  • कृषि अभियांत्रिकी के 89 लंबित पदों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह
  • लुवास के शोधार्थियों के वजीफे में बढ़ोतरी का सुझाव

कृषि और तकनीकी पदों को जल्द भरने की मांग

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ज्ञापन में कृषि विज्ञान के क्षेत्र में एडीओ, एचडीओ और सीड वेरिफिकेशन ऑफिसर सहित सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने की मांग की गई है। इसके अलावा हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में टीए, एसटीए और अन्य तकनीकी पदों की भर्ती प्रक्रिया में भी तेजी लाने की मांग रखी गई है। प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालयों में कक्षा 12वीं तक कृषि विषय अनिवार्य करने और प्रशिक्षित कृषि शिक्षकों की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया है।

कृषि अभियांत्रिकी के लिए विशेष मांगें

कृषि अभियांत्रिकी के विद्यार्थियों ने प्रदेश के सभी 20 विकास खंडों में एडीओ फार्म इम्प्लीमेंट्स के पद स्वीकृत करने की मांग की है। साथ ही 3 अगस्त 2022 से लंबित पड़े 89 पदों के प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने की बात कही गई है। बीटेक एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग को संबंधित पदों के लिए मान्य शैक्षणिक योग्यता बनाने की मांग भी रखी गई है। इसके अलावा कृषि अभियांत्रिकी का एक अलग निदेशालय स्थापित करने और कृषि विज्ञान केंद्रों तथा विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों में आवश्यक पद स्वीकृत करने की मांग की गई है।

पशु चिकित्सा और मत्स्य विज्ञान से जुड़ी मांगें

पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान के क्षेत्र में लुवास के शोधार्थियों के वर्तमान 9 हजार रुपये मासिक वजीफे को बढ़ाने की मांग की गई है। ज्ञापन में एमवीएससी शोधार्थियों के लिए 25 हजार रुपये और पीएचडी शोधार्थियों के लिए 30 हजार रुपये प्रतिमाह वजीफा निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है। मत्स्य विज्ञान के विद्यार्थियों ने एफओ, डीएफओ, एफआरओ और डीडीएफ जैसे संबंधित पदों की भर्ती नियमावली में संशोधन करने की मांग की है। इसके तहत चार वर्षीय बीएफएससी डिग्री को अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता बनाने और चयन परीक्षाओं में मत्स्य विज्ञान विषय को उचित प्रमुखता देने की मांग रखी गई है।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और उद्देश्य

इस प्रतिनिधिमंडल में एग्रीविज़न के प्रांत सह संयोजक रोहित बिश्नोई, डॉ. अरविंद, डॉ. पुलकित, ऋषिपाल और शिवम पांडेय सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि इन सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाते हैं, तो इससे कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए रोजगार और शिक्षा के नए अवसर बढ़ाने में बहुत मदद मिलेगी।

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