तरावड़ी के नरसिंह दास पब्लिक स्कूल में एक्टिव लर्निंग कार्यशाला का आयोजन

तरावड़ी के नरसिंह दास पब्लिक स्कूल में सीबीएसई के तत्वावधान में एक्टिव लर्निंग विषय पर संस्थागत क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला शिक्षा को प्रभावी और रोचक बनाने पर केंद्रित थी। कार्यशाला में शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षकों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल ने दिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल करनाल की प्रिंसिपल ममता पांडे ने विशेष रूप से भाग लिया। उन्होंने शिक्षकों को एक्टिव लर्निंग की आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया। उन्होंने प्रभावी शिक्षण पद्धतियों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया। ममता पांडे ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाले नहीं होते हैं। वे विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को सहज और प्रभावी बनाने वाले मार्गदर्शक होते हैं।
कक्षा में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी
आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थी को सीखने की प्रक्रिया के केंद्र में रखना जरूरी है। कक्षा में विद्यार्थी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है। ममता पांडे ने शिक्षकों को कक्षा में कई नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इन तकनीकों में गहन चिंतन, संवाद एवं चर्चा शामिल हैं। इसके अलावा समस्या समाधान, समूह कार्य और विभिन्न गतिविधि आधारित शिक्षण तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया।
एक्टिव लर्निंग से बढ़ती है सोचने की क्षमता
एक्टिव लर्निंग के माध्यम से विद्यार्थियों में केवल विषय का ज्ञान ही नहीं मिलता है। इससे विद्यार्थियों में सोचने और समझने की क्षमता विकसित होती है। इसके अलावा विद्यार्थियों में सवाल पूछने और समस्याओं का समाधान करने की क्षमता भी विकसित होती है।
विद्यालय के निदेशक और संरक्षक ने किया सम्मान
विद्यालय के निदेशक धर्मेंद्र खेड़ा ने कार्यशाला में पहुंचीं ममता पांडे का स्वागत किया। उन्होंने ममता पांडे का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों को स्वीकार करने के लिए कहा। उन्होंने शिक्षकों को इन तकनीकों को अपनी कक्षाओं में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की संरक्षक मधु गुप्ता की ओर से प्रिंसिपल ममता पांडे को सम्मानित किया गया। ममता पांडे को तुलसी का पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
कार्यशाला में शामिल विद्यालय के सभी शिक्षकों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षकों ने नई एवं गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। शिक्षकों ने इन पद्धतियों को कक्षा शिक्षण में प्रयोग करने के तरीकों को सीखा। कार्यशाला को शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक, उपयोगी और प्रभावी बताया गया।